ग्राम खरेंगा में सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन प्रारंभ

घनश्याम साहू(TheChhattisgarhNews)

छत्तीसगढ़ की पावन भूमि को दक्षिण कौशल के नाम से जाना जाता था। जहां भगवान राजीव लोचन, कुलेश्वर महादेव विराजमान है जहां महानदी पैरी और सोढूंर के संगम पर भगवान शंकर की पूजन स्वयं माता सीता ने महानदी की रेत से पार्थिव शिवलिंग बनाकर की थी। पूजन से प्रसन्न हो भगवान शंकर वहां प्रकट हो गए और पंचमुखी रूप बनाकर जल को ग्रहण किया था। भगवान कुलेश्वर शंकर की भूमि पर कहीं भी कोई हमारा बनवासी आदिवासी बंधु कभी किसी सेंटा की पूजन नहीं करेगा अब यहां शंकर की पूजन होगी, उक्त बातें सीहोर मध्यप्रदेश से आये सप्त दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा का वाचन करने ग्राम खरेंगा धमतरी छत्तीसगढ़ पधारे कथावाचक राष्ट्रीय संत परम गोभक्त पंडित मोहितरामजी पाठक सीहोर वालों ने कही, आगे कथा में वर्णन करते हुए कहा कि शिव पुराण की कथा सुनने मात्र से संपूर्ण प्राणी मात्र पापी से पापी व्यक्ति भी तर जाता है इसलिए भारत में रहने वाले संपूर्ण 150 करोड़ मानव जाति को शिव पुराण एवं सनातन की शरण ग्रहण कर भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने में अपना सहयोग प्रदान करना चाहिए भगवान शिव, शिव महापुराण एवं सनातन धर्म ही सत्य है भगवान शिव ही एक मात्र से परमात्मा जो सबका उद्धार कर सकते हैं इसलिए सभी को शिव की सनातन की शरण में आ जाना चाहिए

अब भारत की भूमि पर गंगाजल भगवान शंकर को अर्पण किया जाएगा पार्वती माता गौ माता की पूजन की जाएगी, मदर फादर चादर का खेल अब भारत में चलने वाला नहीं है, छत्तीसगढ़ के शिव भक्तों को छत्तीसगढ़ की पावन भूमि से शिव युग प्रारंभ हो गया है, अब व्यक्ति पूजा नहीं महादेव की पूजा होगी घर-घर महादेव हर हर महादेव की जयकार कलश यात्रा में चल रहे शिव भक्त श्रद्धालु जन जयकार लग रहे थे पूरा माहौल शिवमय हो गया। आयोजन कर्ता साहू परिवार एवं संपूर्ण ग्रामवासी खरेंगा धमतरी ने सभी शिव भक्तों एवं धर्म प्रेमी बंधुओं से कथा में पधारने का आग्रह किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!