
वन मेन आर्मी सीपी सिन्हा की रिपोर्ट
धमतरी- जिला मुख्यालय धमतरी से लगे ग्राम पंचायत अछोटा जहां कुछ सफेदपोश नेताओं के संरक्षण में और जिम्मेदार खनिज विभाग के मजबूरी के चलते अछोटा पुल के नीचे से ही ट्रैक्टरों के माध्यम से डेली सौकड़ो ट्रीप अवैध रेत उत्खनन परिवहन धड़ल्ले से जारी है।
वहीं इस संबंध में ग्राम पंचायत अछोटा के सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि जिला खनिज विभाग को कई बार लिखित शिकायत देने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं किया जा रहा हैं। ग्राम पंचायत अछोटा सरपंच प्रतिनिधि ने अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग जिला प्रशासन और खनिज विभाग से की है।डेली अछोटा पुल के नीचे से ही ट्रैक्टरों के माध्यम से रेत चोरी किया जा रहा है जिससे छत्तीसगढ़ सरकार और धमतरी खनिज विभाग को लाखों रूपये की रायल्टी के रूप में राजस्व अर्जित होता ,, ओ लाखो रूपये सूत्रों की मानें तो अब सिर्फ चंद छुटभैय्या नेताओं और खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी को हर माह टेबल के नीचे जा रहा है। जिसके चलते खनिज विभाग कार्यवाही नहीं कर रहा है। सूत्रों की मानें तो खनिज विभाग की मजबूरी है। जहां टेबल के नीचे से हर माह लाखों रूपये का लेन-देन हो, तो कार्यवाही क्यों करें?वहीं जब इस संबंध में जिला खनिज अधिकारी हेमन्त चेरपा से उनका पक्ष लेने और अवैध रेत उत्खनन में कार्यवाही क्यों नहीं कर रहे हैं जानकारी लेने फोन लगाया गया तो उनके व्दारा फोन नहीं उठाया गया। और सहायक खनिज अधिकारी सुभाषचन्द्र साहू को भी फोन लगाया गया उनके व्दारा भी फोन नहीं उठाया गया
वहीं क्षेत्र के जागरूक लोगों का कहना है,की अछोटा पुल के साईड से ट्रैक्टरों के माध्यम से रेत निकाल रहे हैं जहां नेशनल हाईवे सड़क है अगर ट्रैक्टरों के माध्यम से नेशनल हाईवे में कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो इसका जिम्मेदार जिला खनिज विभाग धमतरी रहेगा क्योंकि जिला मुख्यालय धमतरी के लगे अछोटा पुल के नीचे पहुंच कर खनिज विभाग कार्यवाही करने में नकाम है, तो फिर मगरलोड, कुरूद, नगरी/सिहावा के वनांचल क्षेत्रों में खनिज विभाग से जिलेवासी कार्यवाही की क्या उम्मीद करें, जिला मुख्यालय का ये हाल है तो वनांचल क्षेत्रों का क्या हाल हो रहा होगा जहां लोगों का आना जाना बहुत कम है, वहां ये अधिकारी क्या खाक कार्यवाही करेंगे। धमतरी जिलावासी संवेदनशील कलेक्टर अबिनाश मिश्रा से मांग कर रहे हैं की खनिज विभाग को निर्देशित कर तत्काल यैसे अवैध रेत उत्खनन और परिवहन में लगे वाहनों पर तत्काल कार्यवाही करें अन्यथा क्षेत्र के लोग उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे जिसके सम्पूर्ण जिम्मेदार फिर जिला प्रशासन रहेगा।
