विद्युत उपकेंद्र ऑपरेटर को 30 किमी दूर पदस्थ कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप, ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग

घनश्याम साहू(the chhattisgarh news)

धमतरी जिला के CSPDCL के अंतर्गत संभाग कुरूद के विद्युत उपकेंद्रों में कार्यरत ऑपरेटरों ने ठेका कंपनी देवश्री एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड पर गंभीर आरोप लगाए हैं।विदित हो कि 33/11विद्युत उपकेंद्र कातलबोड़ के ऑपरेटर को नियुक्ति पत्र में उल्लेखित मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग करने पर सामग्री प्रदान करने के बजाय अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है तथा दबाव और दहशत का वातावरण बनाया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित ऑपरेटर को दिनांक 16.02.2026 को पूर्व में कार्यरत स्थायी प्रकृति के पद (33/11 केवी उपकेंद्र कातलबोड) से हटाकर लगभग 30 किलोमीटर दूर अन्य उपकेंद्र हसदा में “रिलीवर ऑपरेटर” के रूप में दोनों उपकेंद्रों के लिए पदस्थ किया गया है। आरोप है कि यह कार्रवाई अन्य ऑपरेटरों को हतोत्साहित करने एवं दबाव में रखने की मंशा से की गई है, जिससे कर्मचारी मानसिक रूप से प्रताड़ित एवं शोषित महसूस कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि परी जिला अंतर्गत विद्युत उपकेंद्रों का संचालन कार्य छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के अधीन उक्त ठेका कंपनी द्वारा किया जा रहा है। नियुक्ति शर्तों के अनुसार ऑपरेटरों को सुरक्षा उपकरण, स्टेशनरी, आधिकारिक मोबाइल, यूनिफॉर्म एवं पहचान पत्र उपलब्ध कराए जाने थे, किंतु ये सुविधाएं अब तक प्रदान नहीं की गई हैं तथा ठेकेदार के द्वारा उक्त सामग्री ऑपरेटरों को निजी खर्च से क्रय करने हेतु दबाव बनाया जा रहा है।

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विद्युत उपकेंद्र उच्च जोखिम एवं संवेदनशील कार्यस्थल होते हैं। सुरक्षा संसाधनों के अभाव एवं अनावश्यक दूरस्थ पदस्थापना से न केवल कर्मचारियों की मानसिक स्थिति प्रभावित होती है, बल्कि 24 घंटे निर्वाध विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है।
ऑपरेटरों ने प्रशासन से मांग की है कि—
रिलीवर ऑपरेटर के पद पर की गई नियुक्ति को तत्काल निरस्त किया जाए।संबंधित ऑपरेटर को पुनः 33/11 केवी उपकेंद्र कातलबोड़ में स्थायी प्रकृति के पद पर पुनः पदस्थ किया जाए।मानसिक प्रताड़ना एवं शोषण की जांच कर ठेकेदार के विरुद्ध उचित विभागीय कार्यवाही की जाए।नियुक्ति पत्र में उल्लिखित सभी मूलभूत एवं सुरक्षा संबंधी सामग्री तत्काल उपलब्ध कराई जाए।
ऑपरेटरों ने मांग किया है शीघ्र न्यायोचित कार्रवाई की जाय,,,,,

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